विदेशों में संस्कृत वाक्य
उच्चारण: [ videshon men sensekrit ]
उदाहरण वाक्य
- तो ये है विदेशों में संस्कृत की महत्ता का एक उदाहरण.
- महर्षि महेश योगी के द्वारा विदेशों में संस्कृत का बहुत अधिक प्रचार किया गया।
- साथ ही हरे कृष्ण मिशन द्वारा भी विदेशों में संस्कृत का गीता के माध्यम से प्रचार किया गया।
- रमेशचंद्र शास्त्री और बालकृष्ण गौतम ने कहा कि विदेशों में संस्कृत भाषा को सम्मान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन संस्कृत का महत्व लुप्त होता जा रहा है।
- उन्होंने विदेशों में संस्कृत की वैदिक परम्परों, संस्कृत साहित्य और ज्योतिष के विविध आयामों पर अतिथि वक्ता के बतौर जो व्याख्यान दिए हैं, वे स्मारिकाओं, पुस्तकों और कई मुद्रित/ इलेक्ट्रोनिक रूपों में सुलभ हैं.
- अगर सरकार की यही नीयत रही और विदेशों में संस्कृत के प्रति बढ़ती रुचि की गति ऐसे ही जारी रही तो यह भी हो सकता है कि आने वाले समय में अपने ही देश के लोगों को संस्कृत पढ़ने के लिए विदेश जाना पड़े।
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